Rahat Indori: Urdu Poetnupur maskaraApr 23, 20251 min readतूफ़ानों से आँख मिलाओ, सैलाबों पर वार करोमल्लाहों का चक्कर छोड़ो, तैर के दरिया पार करोऐसी सर्दी है कि सूरज भी दुहाई मांगेजो हो परदेस में वो किससे रज़ाई मांगे'm participating in #BlogchatterA2Z
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